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मिली साहा

Inspirational

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मिली साहा

Inspirational

जिंदगी ताउम्र एक सफ़र है

जिंदगी ताउम्र एक सफ़र है

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ये ज़िन्दगी केवल कुछ दूर का नहीं ताउम्र एक सफ़र है।

कोई जी रहा है यूंँ ही तो किसी की मंजिल पर नज़र है।।


उम्र गुज़र जाती है चलते-चलते पर रास्ते ख़त्म नहीं होते।

वक्त़ किस ओर ले जाएगा, इसकी कहांँ किसे ख़बर है।।


लड़खड़ा जाते हैं कदम कई बार यहांँ, चुभते हैं कांँटे भी।

कदम वहीं जाकर रुकते ख्वाहिशों की मंजिल जिधर है।।


चलना है बहुत दूर तक अभी तो सफ़र की शुरुआत हुई।

जाने किस मोड़ पे क्या बदल जाए मुश्किलों की डगर है।।


कोई साथ चले न चले यहांँ सफर तो पूरा करना है सबको।

कौन क्या हासिल करेगा यहांँ ज़िंदगी की सब पर नज़र है।।


मिलना भी है बिछड़ना भी सुख-दुख से पड़ेगा गुज़रना भी।

किसी मोड़ पे अमृत ज़िंदगी किसी मोड़ पे लगेगी ज़हर है।।


बदलेंगी परिस्थितियांँ, बदलेगा ये वक्त़ यहाँ और रास्ते भी।

बदलना पड़ेगा हर मोड़ पर खुद को तुम्हें ऐसा ये सफ़र है।।



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