Shubhi Agarwal
Abstract
जिंदगी को कुछ इस कदर बदलते देखा
कभी ख़ुशी-कभी गम को आते देखा
जिंदगी कुछ इस कदर सीख दे गयी
कि जिंदगी में हर मोड़ पर खुद को मजबूत होते देखा।
जिंदगी का खेल
जिंदगी की पहल...
हर कोई एक सा ...
जिम्मेदारियां
माँ शक्ति
क़लम की जुबा
स्त्री
स्त्री होना आ...
मोहब्बत
रंग भेद
ये कैसी शिक्षा कभी काम न आये बेमतलब। ये कैसी शिक्षा कभी काम न आये बेमतलब।
नौकरी पाने के लिए यहा जुगाड़ चाहिए बेरोजगार हूँ साहब मुझे रोजगार चाहिए। नौकरी पाने के लिए यहा जुगाड़ चाहिए बेरोजगार हूँ साहब मुझे रोजगार चाहिए।
साथ मेरा देने को जैसे, खुदा ने उसको भेजा था। साथ मेरा देने को जैसे, खुदा ने उसको भेजा था।
और अंत में यही निष्कर्ष निकाला .... कि व्यवसाय बढ़िया वही जो दिल से कर डाला। और अंत में यही निष्कर्ष निकाला .... कि व्यवसाय बढ़िया वही जो दिल से कर डाला।
गरजते बादलों ने छेड़ी मानो ढोल नगाड़े और शहनाई, गरजते बादलों ने छेड़ी मानो ढोल नगाड़े और शहनाई,
सच यादें आबाद भी करती हैं बर्बाद भी करती है, सच यादें आबाद भी करती हैं बर्बाद भी करती है,
बेजान पत्थरों से बोलती, रूठती उन्हीं के कंधों पर रो देती थी बेजान पत्थरों से बोलती, रूठती उन्हीं के कंधों पर रो देती थी
ले अंगड़ाई,दीपशिखा सा, धंस गया सरिता के अंदर.. ले अंगड़ाई,दीपशिखा सा, धंस गया सरिता के अंदर..
वो लम्हा जी रही हूं मैं यादों के इस महफिल में कहीं खोई हूँ मैं। वो लम्हा जी रही हूं मैं यादों के इस महफिल में कहीं खोई हूँ मैं।
पापा के बगैर कोई घर-घर नहीं , पापा जैसा कोई नहीं l पापा के बगैर कोई घर-घर नहीं , पापा जैसा कोई नहीं l
जिंदगी को मैंने समझा जीवन की यही सच्चाई है। जिंदगी को मैंने समझा जीवन की यही सच्चाई है।
सही मार्ग अपनाकर तुम सूरज सा चमकना सीखो, सही मार्ग अपनाकर तुम सूरज सा चमकना सीखो,
ये जीवन की खुशहाली देखो , खुशियाँ आई मतवाली देखो। ये जीवन की खुशहाली देखो , खुशियाँ आई मतवाली देखो।
उन्हें क्यूँ डाँटा ये सोच बाद में पछताते है। उन्हें क्यूँ डाँटा ये सोच बाद में पछताते है।
और बहुत दिनों बाद खुद से प्रेम करने लगी हूँ। और बहुत दिनों बाद खुद से प्रेम करने लगी हूँ।
एक सी आँखों की रोशनी सबकी, एक ही मालिक जिसने हमें बनाया। एक सी आँखों की रोशनी सबकी, एक ही मालिक जिसने हमें बनाया।
चाय की महिमा है न्यारी। लगे चाय की चुस्की प्यारी।। चाय की महिमा है न्यारी। लगे चाय की चुस्की प्यारी।।
हर इंसान यही कहता है तकदीर में किसके क्या बदा है कोई नहीं जानता है. हर इंसान यही कहता है तकदीर में किसके क्या बदा है कोई नहीं जानता है.
ऐ दोस्त.... मेरे जाने पर तुम वही करना जो मैने दिल से लिखा है। ऐ दोस्त.... मेरे जाने पर तुम वही करना जो मैने दिल से लिखा है।
सभी दुखों को भूलकर फिर से मुस्कुराता ! सभी दुखों को भूलकर फिर से मुस्कुराता !