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Saumya Singh

Abstract Inspirational Others

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Saumya Singh

Abstract Inspirational Others

जिंदगी की रफ़्तार

जिंदगी की रफ़्तार

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एक रफ्तार से चली थी जिंदगी

जो जीवन की पटरी पर

तेजी से दौड़ रही थी

और बिना रुके बस आगे बढ़ रही थी

कभी समझ ही ना पाये

वो इतनी आगे निकल जायेगी

और रेत की तरह

हाथों से इस कदर फिसल जाएगी।


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