STORYMIRROR

Saumya Singh

Abstract Inspirational

2  

Saumya Singh

Abstract Inspirational

उम्मीद की किरण

उम्मीद की किरण

1 min
226

रात के अंधेरे के बाद

सुबह का उजाला आया

ख़्वाबों में घिरा मन

नींद के चंगुल से बाहर आया

सूरज की लाल किरणों से

इस नयी सुबह

मन ने फिर एक नयी उम्मीद पायी

और बीती बातों में उलझे सपनों ने

उम्मीद की एक और किरण पायी

सपनों ने उड़ने के लिए नये पंख पाये

और जीवन के अंधेरे से निकल उजाले में आये।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract