Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

REBELNATO

Abstract

4  

REBELNATO

Abstract

आपको अम्मी कहे या मां

आपको अम्मी कहे या मां

1 min
309


संकट और चुनौतियों से भरे इस समय में

घर से हम हैं कोसों दूर फंसे हर दिन बस अब

उनसे मिलने की राह हम हैं देख रहे


एक वो दिन थे और एक आज है

उनसे मिलने को हम तरस रहे

हर दिन अब बस उस पल के

इन्तजार में आंसू हमारे बरस रहे


न जाने क्या क्या हम है अब बस है जी रहे

अपनी आंखों में बस एक दिन घर लोटने की उम्मीद लिए

पागल थे हम बचपन में बड़े होने के सपने

देखा करते थे अब जो हम बड़े हुए हैं


उन सुनहरे दिनों की यादों में जिया करते हैं

आज तक हम ये समझ ना पाए आपको

अम्मी कहे या मां दोनों का मतलब तो

एक ही है नाआप गीता परहो या क़ुरान


अब बस घर लौट जाऊं बस आपके हाथों से खाना है

सारी चिंता भूलकर के बचपन की तरह आपकी गोद में

सर रख के चैन की नींद सो जाना है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract