मिलकर फिर से याद करेंगे
मिलकर फिर से याद करेंगे
1 min
173
समय भी काफी अजीब होता है
सालों तक रुला कर
बस एक पल को चुटकी भर खुशियां देता है
कितना सुहाना था वो बचपन हमारा
ना आगे की चिन्ता थी
ना ही सर पे काम का बोझ
बस पूरे दिन खेला करते थे
और दोस्तों के फ़िज़ूल के नखरे
झेला करते थे
अब तो न जाने कितने साल हुए
दोस्तों से एक साथ मिलने को बेहाल हुए
बचपन की अब बस यादें रह गयीं
कुछ खट्टी कुछ मीठी सी
भूल गए है अब तो सारी
बदमाशियाँ जो हमने की
मिलकर फिर से याद करेंगे
ऊपर वाले से फरियाद करेंगे
साथ हो उनका सारी ज़िन्दगी
कमीने ही सही पर है तो सारे अपने ही।
