जिंदगी एक रहस्यमय सागर
जिंदगी एक रहस्यमय सागर
जिंदगी की किताब की गहराई
एक विशाल समुद्र जैसी है
और इसमें हौसला रखते हुए
तैरना एक देवीय कला।
टूटना वाजिब नहीं पर फिर भी
किसी मोड़ पर इंसान
थक जाता है, टूट जाता है,
किनारे पर धक्का देने वाले भी
कई मिलते है पर जिंदगी की
असली परिभाषा जिसने समझी हो ,
वह हर हाल में तैरेगा,
उसके लिए धाराएं भी रास्ता बनाएंगी
और किनारे भी इंतजार में खड़े मिलेंगे;
प्रकृति भी अपना रुख बदल देगी।
बवंडरों और तूफानों से भरा
जिंदगी के रहस्यम सागर में
उम्मीद की लहरें
हमारे सफर को आसान
बना देती है।
कभी कभी समुद्र का शांत स्थल
हमारी चेतना को जगाता है,
नर्म ठंडी रेत जैसा आंचल
हमें पथरीले रास्तों की
याद दिलाता है।
चढ़ती, उतरती लहरें
मंजिल पाने के लिए
हमें परिश्रम व परीक्षा
का पाठ पढ़ाती है।
ठहरा हुआ जल
जलदी दूषित हो जाता है,
दुर्गंध फैलता है
और चलती धाराएं निरंतर
हमें आगे बड़ने की प्रेरणा।
जो मनुष्य इस सागर में
खुद को समर्पित करता है
वह लहूलुहान होने के पश्चात भी
हसरतों को समेटते हुए,
चुनौतियों को स्वीकारते,
हर हाल में
किनारा पा लेता है......
