STORYMIRROR

Chandramohan Kisku

Abstract

4  

Chandramohan Kisku

Abstract

जीवन की श्रेष्ठ फोटो

जीवन की श्रेष्ठ फोटो

1 min
462

मेरे माटी के घर की 

दीवालों में 

बड़े लोगों की फोटो 

नहीं पाओगे 

बड़े लोगों के साथ फोटो खींचना 

सपने में भी नहीं देखा हूँ 

फोटो खिंचाया हूँ तो 

गाँव की हमजोलियों के साथ 

जो मेरे जैसे ही निर्धन है 

काले और कुत्सित है .


हाँ- हाँ एक फोटो है 

शादी के समय की 

जहाँ ख़ुशी के साथ खड़ा हूँ 

धर्मपत्नी के साथ .


लोगों का तो बहुत सारी फोटो है 

फोटो खिंचाया है 

अपनी प्रेमिका ,पत्नी और बच्चों 

के साथ 

फोटो खिंचाने के लिए जाते है 

हिमालय पर ,दार्जिलिंग की पहाड़ियों में 

असम की चाय बागान में 


बचपन में 

घाटशिला की 

बिंधा मेला में 

फोटो खिंचवाया था 

खिली फूलवाली मुस्कान के साथ 

बैठकर माँ-पिताजी के बीच

जो मेरी जीवन की 

श्रेष्ठ फोटो है .


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract