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J P Raghuwanshi

Abstract

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J P Raghuwanshi

Abstract

"जीवन की सार्थकता"

"जीवन की सार्थकता"

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कोयल रंग से काली होती।

कितना मीठा बोलती है।

कानों में अमृत रस घोले।

सार्थक जीवन कर लेती है।।


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