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ritesh deo

Abstract

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ritesh deo

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जीवन और रिश्ते

जीवन और रिश्ते

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हमारे जीवन में कितने रिश्ते होते हैं

मां-पापा का भाई-बहन का

सब हम से बहुत प्यार करते हैं...


लेकिन...

एक रिश्ता ऐसा भी होता है

जिसमें सारे रिश्ते समाहित होते हैं हमारे

वो मां-पापा की तरह ख्याल रखता है

भाई-बहन की तरह झगड़ता है

Teacher की तरह समझाता है

दोस्त की तरह समझता है...


अगर...

लग जाए किसी बात का बुरा तो

दुश्मनी पूरी निभाता है...

But...

हमें कभी चोट नहीं पहुंचाता

हमारी खुशी के बाद 

उसकी खुशी आती है

गुस्सा हो जाओ तो बच्चे की 

तरह मनाता है...


हां...

वो ख़ास इंसान कुछ ऐसे 

अपना रिश्ता निभाता है...

होने को दिल का देवता होता है

ऊपर से ख़ुद को राक्षस दिखाता है...!


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