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Dheeraj kumar shukla darsh

Tragedy

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Dheeraj kumar shukla darsh

Tragedy

जीना यहाँ मरना यहाँ

जीना यहाँ मरना यहाँ

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जीना यहाँ मरना यहाँ

इसके सिवा जाना कहाँ

जी चाहे जब हमको आवाज दो

हम हैं यहीं हम थे जहाँ

जीना यहाँ मरना यहाँ


जीवन का खेल कैसा है ये

हम रहें कल फिर कहाँ

भुलोगे तुम, हमें फिर यहाँ

पर हम तुम्हारे होंगे सदा


होंगे यहीं यादों के निशां

जीना यहाँ मरना यहाँ

है मेरा गीत जीवन का मीत

गुंजेगा यहाँ बनकर संगीत

आएगा कोई दोहराएगा यहाँ


लेकर मुखौटा हंसाएगा सदा

स्वर्ग यहाँ नर्क यहाँ

इसके सिवा जाना कहाँ

जीना यहाँ मरना यहाँ।


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