STORYMIRROR

Dr Sushil Sharma

Romance

3  

Dr Sushil Sharma

Romance

जी चाहता है

जी चाहता है

1 min
220

जी चाहता है कि

इस बारिश में तुम्हारे साथ भीगूँ

छप छप करते हुए।


हम दोनों भागें

सुनसान सड़क पर

पकड़ कर एक दूसरे का हाथ।


तुम्हारे बालों से गिरते पानी को

महसूस करूँ

अपने चेहरे पर।


तुम्हारे ओठों पर

बारिश की बूँदों को

चातक की तरह

पी जाऊँ।


तुम्हारे भीगे बदन पर

कर दूँ हस्ताक्षर

अपनी शरारत के।


और हम दोनों गुम हों जाएँ

बरसते बादलों के बीच

जी चाहता है।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance