STORYMIRROR

Sandeep Kumar

Abstract

3  

Sandeep Kumar

Abstract

झमाझम बरसात

झमाझम बरसात

1 min
68

झमाझम बरसात बारिश क्या से क्या हाल कर दिया

धर आया हुआ फसल किसान का बर्बाद कर दिया


जिसके सहारे चलता है धर वर परिवार बारह मास

उसी का सर्व नाश सर्व नाश सर्व नाश कर दिया।।


अब कैसे जिएंगा जिंदगी आगे का अंधकार कर दिया

बच्चे का फीस,पत्नी का सिकन से सिंगार छिन लिया


झमाझम बरसात बारिश क्या से क्या हाल कर दिया

धर आया हुआ फसल किसान का बर्बाद कर दिया।।


इस पर रूख है कहां बदलता तनिक सरकार का

ताकि कड़क फैसला से संरक्षित हो फसल किसान का।।


साथ साथ समय असमय व्यवस्था हो अनुदान का 

ताकि आगे से ना फासी लटका मिले शव किसान का


झमाझम बरसात बारिश क्या से क्या हाल कर दिया

धर आया हुआ फसल किसान का बर्बाद कर दिया।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract