STORYMIRROR

Dr.Narendra kumar verma

Inspirational

4  

Dr.Narendra kumar verma

Inspirational

"जगमगाएगा जग सारा"

"जगमगाएगा जग सारा"

1 min
398

झुकना नहीं ,तू रुकना नहीं!

खेल समंदर का तू डरना नहीं !

आंधी आए चाहे तूफान,

तू तीर तरकश से फिसलना नही!

आएंगे संकट के दौर, तू मंजर से हटना नहीं!

 काली रात अंधियारी तू दिया है ,बुझना नहीं !

चीर हरण करता रावण तू हौसलों से पस्त होना नही!

जीतेगा राम एक दिन ,कोशिश से तू रिसना नहीं !

होगी जीत सत्य की ,मरेगा भी रावण हौंसलो से तू भटकना नही!

जगमगाएगा जग सारा, हिम्मत की रोशनी से थमना नही!


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational