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Monika Baheti

Romance

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Monika Baheti

Romance

जब नैनो से मिले नैना

जब नैनो से मिले नैना

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सर्दी का वो प्यार भरा मौसम,

और जब मौसम ने ली अंगड़ाई,

पहली दफा टकराई उनसे ये नैना,

दिल में एक घंटी बजी ट्रिग... ट्रिग...,

हैलो... ओ मेरी मैना... जरा सुनो ना,

ये दिल अटक गया है,

कुछ तो अब हो गया है,

पूनम की चांदनी भरी वो रात,

लाई मेरे लिए चांद के एक टुकड़े की सौगात,

उसका चेहरा चांद सा,

उसकी मंद मंद मुस्कान फूलो सी,

उसकी आंखे नीलकमल सी सुंदर,

उसकी बड़ी बड़ी नैन नशीली आंखो से,

पलके झपक के भी ना झपके,

नजरे हट के भी ना हटे,

हाय मैं तो उसके प्रेम के रंग में ऐसे खोई जैसे,

कृष्ण के प्रेम में खोई राधा,

ये दिल की धड़कने जोर जोर से धड़कने लगी,

ये जुबा तो कुछ ना कह पाई,

ये आंखे दिल का हाल बयां करने लगी,

मै रोक कर भी खुद को रोक ना पाई,

ये आंखे भरी महफ़िल में प्रेम का इज़हार करने लगी,

हाय मैं तो उसके नैनो के जादू के रंग में खोने लगी।



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