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Anamika Sharma

Romance

4  

Anamika Sharma

Romance

जानेजाना

जानेजाना

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"नायक " 

बेताबियाँ बढ़ने लगीं हैं, समां भी हो गया है आशिक़ाना

कह भी दे जो दिल में है तेरे, अब ना बना कोई बहाना

इनकार और इक़रार की कश्ती में सवार हम तुम

दिल-ए-दरिया किस तरह करेंगे पार ओ जानेजाना

" नायक "

बेधड़क मेरे सपनों में आती हो

बिन इज़ाज़त घर में भी आ जाओ

तुम लाख छुपाओ मगर

चुगलखोर अँखियाँ, चुगली कर ही जाती हैं

जो तुम नहीं कहतीं , वो सब कुछ कह ही जातीं हैं

अब छोड़ो भी ये बहाने, बेवजह के तरसाने

दिल-ए-दरिया किस तरह करेंगे पार ओ जानेजाना

"नायिका "

हाँ दिल तो मेरा भी धड़कता है

तेरे एहसास-ए-ख़्याल से

निखरती जा रही हूँ

तेरे मिलन की आस में

इज़हार-ए-मोहब्बत कर तो लूँ

पर तेरे इनकार से घबराती हूँ

क्या मेरी आँखें हाल-ए-दिल बयां नहीं करतीं

क्या मेरी बातें तुम्हें समझ नहीं आतीं

दिल-ए-दरिया किस तरह करेंगे पार

इनकार और इक़रार की कश्ती में सवार हम तुम

किस तरह इज़हार-ए-मोहब्बत करेंगे हम तुम

"नायक " - क्या तुम्हें भी प्यार है मुझसे ....

"नायिका" - हाँ मुझे भी प्यार है तुमसे .....

" नायक " - बोलो मोहब्बत बेशुमार है मुझसे ....

"नायिका"- हाँ कह तो दिया मोहब्बत बेशुमार है तुमसे ....


फ़िल्म : जांबाज

गाने के बोल :

जब जब तेरी सूरत देखूं

प्यार सा मन में जागे 

तेरी तरफ ही दिल मेरा खींचे

क्या तू मेरा लागे

जानेजाना ओ जानेजाना


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