STORYMIRROR

Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Romance

4  

Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Romance

जाम में जिस्म ढल गया होगा।

जाम में जिस्म ढल गया होगा।

1 min
594

जाम में जिस्म ढल गया होगा।

वह भी पीकर उछल गया होगा।


देखकर जिस्म के नशेबो फराज़।

दिल सभी का मचल गया होगा।


उसकी आंखें गजाला जैसी है।

 देख कर दिल बदल गया होगा।


हुस्न है उसका एक नगीना सा।

संग दिल भी पिघल गया होगा।


कोई तारा नहीं शबाहत में ।

चांद छूकर निकल गया होगा ।


पढ़ लिया होगा जब ग़ज़ल मेरी। 

दिल ए मुज्तर संभल गया होगा।


सगीर आएगा जब वह परदेसी ।

जाने कितना बदल गया होगा।


डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी 

खैरा बाजार बहराइच यूपी इंडिया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance