जागो ना मेरे साथ रात भर,
मेरी धड़कनों को धड़काओ ना ,
मैं अकेली तड़प रही हूँ ,
मेरे संग कोई गीत गुनगुनाओ ना |
ये रात की बेचैनी बड़ी अजब ,
मूंद पलकें बस लगे तेरी तलब ,
तुम आकर एक बार फिर से ,
उस तलब को मिटाओ ना |
जागो ना मेरे साथ रात भर,
मेरी धड़कनों को धड़काओ ना |
तुम चले गये थे ये बोल ,
कि आओगे जब होगा ना शोर ,
देखो अब इस सूनी रतिया में ,
मेरी सांसों को महकाओ ना |
जागो ना मेरे साथ रात भर,
मेरी धड़कनों को धड़काओ ना |
ये रैना भले रोज़ आयेगी ,
पर ऐसी गर्मी ना मिल पायेगी ,
तुम ठंड से भरे इस बिस्तर में ,
मेरी थोड़ी सी गर्मी पाओ ना |
जागो ना मेरे साथ रात भर,
मेरी धड़कनों को धड़काओ ना |
नींद का कोई मोल नहीं है ,
ये सुबह भी आ जायेगी ,
बस आज मेरी सूनी रतिया को ,
तुम अपनी नींद दे जाओ ना |
जागो ना मेरे साथ रात भर,
मेरी धड़कनों को धड़काओ ना |
एक एहसास तुम्हारे लिए सनम ,
हम तन्हा बिस्तर पर लिए कसम ,
तुम इसी कसम की खातिर सच ,
हर एहसास को गले लगाओ ना |
जागो ना मेरे साथ रात भर,
मेरी धड़कनों को धड़काओ ना ||