STORYMIRROR

Kishan Negi

Abstract Inspirational

4  

Kishan Negi

Abstract Inspirational

इतनी जल्दी भी क्या है

इतनी जल्दी भी क्या है

1 min
466

बांहों में समाने की

इतनी जल्दी भी क्या है ए अजनबी

पहले कुछ गुफ़्तगू कर लें

जान पहचान भी हो जाएगी

कुछ तुम कहो दिल की बात

कुछ हम कहें मन की बात

हमको या तुमको ये हक़ नहीं कि 

दिल की सुने बिना 

कैसे कर दें इक गैर के हवाले इसको

हक तो उसको भी जीने का

हक उसको भी है मुस्कुराने का

इश्क, मोहब्बत, प्रेम की बातें

तो फिर भी हो जायेंगी

मगर कुछ बातें करनी हैं हमें तुमसे

हो सके तो दिल पर मत लेना

ये हवाएँ, ये बहारें, ये नरम धूप

क्या यही भाषा होती है प्रेम की

मन इधर यही कहता है कि

इन सबके अलावा कुछ और भी जहाँ में

चाहतें, अहसास और विश्वास भी तो

होती हैं हिस्सेदार प्रेम कहानी में

शब्दों के भाव क्या हैं, कैसे हैं

इसकी परख भी होना ज़रूरी है

कविता की रूह में उतरने के लिए

इससे पहले कि बात दिल्लगी की हो

कुछ बातें समझने समझाने की हों

तुम देखना बाद उसके 

कपाट मोहब्बत के भी खुल जाएंगे



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract