STORYMIRROR

कुमार किशन 'बदर

Classics

3  

कुमार किशन 'बदर

Classics

इक़ उम्र

इक़ उम्र

1 min
186

हमसे मांगी न इक़ उम्र कभी

इक़ उम्र के वास्ते उम्र कभी।


जिस रस्ते को जीना मुक़द्दर

था ही नही रस्ता उम्र कभी।


रोग हो जाना चारागर को

चाक भरे दिल के उम्र कभी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics