Seema Saxena
Romance
सुबह हुई
दिन ढल गया
साँझ घिर आई
सिंदूरी आकाश ने
खुद को अन्धकार में घेरने की
तैयारी कर ली
व्याकुलतावश मेरी आखों से
आसुओं की बूंदें
टपक कर गालों पर
ढुलक आयीं
तुम्हारे आने के इंतजार में !!
इंतजार में
सिर्फ तुम हो
तुम सिर्फ मेर...
लटें
अहसास
प्रेम कविता
जिंदगी भर न भूलेगी, इश्क़ की वह पहली मुलाक़ात। जिंदगी भर न भूलेगी, इश्क़ की वह पहली मुलाक़ात।
इज़हार का तेल सींचों.... मैं पुष्पांजलि बन जाऊँ। इज़हार का तेल सींचों.... मैं पुष्पांजलि बन जाऊँ।
किसी एक का मेरी ज़िंदगी में होना अब पॉसिबल नही है। किसी एक का मेरी ज़िंदगी में होना अब पॉसिबल नही है।
जीवन का हर एक चित्र जब श्वेत श्याम था ना जीवन में रंग था ना रंगो का नाम था। जीवन का हर एक चित्र जब श्वेत श्याम था ना जीवन में रंग था ना रंगो का नाम...
इबादत की मूरत दिल में उतर आई, मुहब्बत हमारी आँखों में नजर आई, इबादत की मूरत दिल में उतर आई, मुहब्बत हमारी आँखों में नजर आई,
तुम मेरे इश्क़ के मुरीद हो इस बात का अंदाज़ तुम्हारी नफ़रतों से होता। तुम मेरे इश्क़ के मुरीद हो इस बात का अंदाज़ तुम्हारी नफ़रतों से होता।
रूह से इश्क करने वालों को भी जिस्मो की चाह होती है । रूह से इश्क करने वालों को भी जिस्मो की चाह होती है ।
लेकिन तुम्हारी उदासी बहुत काटती सी है कहीं किसी कोने में लेकिन तुम्हारी उदासी बहुत काटती सी है कहीं किसी कोने में
जीवन की साँझ में एक दूजे को सँभालते हुए। हमसफ़रएक दूजे को खोने के डर के साथ। जीवन की साँझ में एक दूजे को सँभालते हुए। हमसफ़रएक दूजे को खोने के डर के साथ।
बड़ी दिलकश है, तासीर मेरे अल्फाजों की, नज़रों से होकर, अक्सर दिल मे उतर आती है l बड़ी दिलकश है, तासीर मेरे अल्फाजों की, नज़रों से होकर, अक्सर दिल मे उतर आती...
तैरती है आँखों में अक्सर एक तस्वीर पुरानी कोई । तैरती है आँखों में अक्सर एक तस्वीर पुरानी कोई ।
तुम्हारे लिए बस ये प्रेम है, पर मेरा प्रेम तो, परे है हर बंधन से, तुम्हारे लिए बस ये प्रेम है, पर मेरा प्रेम तो, परे है हर बंधन से,
जो मैं हूँ साठ बरस का,और तू है पचपन की, वृद्धाश्रम में बात करे,कुछ प्यारे से बचपन की। जो मैं हूँ साठ बरस का,और तू है पचपन की, वृद्धाश्रम में बात करे,कुछ प्यारे से ...
केवल लफ़्ज़ों का नहीं रूह से जुड़ा हमारा ये रिश्ता है, केवल लफ़्ज़ों का नहीं रूह से जुड़ा हमारा ये रिश्ता है,
वह मन ही मन मानती है कि जिंदगी में सबकुछ प्रेम ही है.... और कुछ भी नही.... वह मन ही मन मानती है कि जिंदगी में सबकुछ प्रेम ही है.... और कुछ भी नही....
दिल में एक धुंधली सी तस्वीर उभर कर जब भी सामने आती है। दिल में एक धुंधली सी तस्वीर उभर कर जब भी सामने आती है।
कुछ तो बात है जो बताते नहीं मगर क्यूँ बात जो है जुबां पर लाते नहीं मगर क्यूँ। कुछ तो बात है जो बताते नहीं मगर क्यूँ बात जो है जुबां पर लाते नहीं मगर क्यूँ।
रोम की पुरानी दीवारों में, कभी वीरान सी पड़ी चर्च के सन्नाटों में । रोम की पुरानी दीवारों में, कभी वीरान सी पड़ी चर्च के सन्नाटों में ।
हमें प्यार तुमसे पर चाहत अभी अधूरी है , जो चाहा वो सभी ख्वाहिशें अभी अधूरी है। हमें प्यार तुमसे पर चाहत अभी अधूरी है , जो चाहा वो सभी ख्वाहिशें अभी अधूरी है...
आज भी मेरी यादों में, तेरा ही मंजर रहता है। जब याद तुम्हारी आती है, आँखों से समुंदर आज भी मेरी यादों में, तेरा ही मंजर रहता है। जब याद तुम्हारी आती है, आँख...