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अंकित शर्मा (आज़ाद)

Inspirational

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अंकित शर्मा (आज़ाद)

Inspirational

इक जहां ऐसा भी हो

इक जहां ऐसा भी हो

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जीत तो हो पर

हार न हो,

गलत कोई व्यवहार न हो,

हो ऐसा जहां,

इस जहां से परे,

जहां प्रेम के सिवा

कुछ स्वीकार न हो।।


जहां गर आंसू गिरें 

तो बस हों खुशी से भरे,

जहां ज्वाला जले,

तो रिश्तों में संवेदना भरे

जहां प्रतिष्ठा तो हो पर

अहंकार न हो,

हो ऐसा जहां,

इस जहां से परे,

जहां प्रेम के सिवा

कुछ स्वीकार न हो।।


जहां ईर्ष्या ना हो, प्रपंच न हों,

मिथ्या भरे कोई मंच न हों,

इक शब्द का मतलब हो बस एक ही,

सर तो हो , सरपंच न हो

जहां ईश्वर की ज्योति प्रकाशित सदा,

क्षन एक कहीं अंधकार न हो,

हो ऐसा जहां,

इस जहां से परे,

जहां प्रेम के सिवा

कुछ स्वीकार न हो.....


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