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अंकित शर्मा (आज़ाद)

Abstract Inspirational Others

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अंकित शर्मा (आज़ाद)

Abstract Inspirational Others

शिकायत किसकी करोगे

शिकायत किसकी करोगे

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सूखे दरिया के रास्ते में मकान

अपना बनाने वालों

जिस दिन सैलाब आयेगा

शिकायत किसकी करोगे।।


नोच के डाली से फूलों को

गुलिस्तां सजाने वालों

कल को बाग मुरझाएगा 

शिकायत किसकी करोगे।।


एक बेटी को सजाकर

कोठा सजाने बनाने वालों

कल को बेटा तुम्हारा घर नहीं आएगा

शिकायत किसकी करोगे।।


कर रहे हो जो बंदोबस्त

आग से बगल की बस्ती जलाने को

कल शोला कोई तुम्हारा घर जलाएगा

शिकायत किसकी करोगे।


कर रहे हो सौदा 

बारूद, गोलियों का

कफ़न में कोई अपना लौट कर आयेगा

शिकायत किसकी करोगे।।


बिन बात बतंगड़ 

बिन बात के आंसू बहाने वालों 

कल कोई सच में रुलाएगा 

शिकायत किस करोगे।।


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