Sarita Saini
Romance
बात-बात पर वो तुम्हारा हंसना खिलखिला के
झुका लेना पलकें यूँ नज़रें मिला के,
रहूँ भला कैसे मैं उस दिन को भुला के
प्यार है तुम्हें मुझसे,
काश ! ये कह दिया होता तुमने
थोड़े क़रीब आके ।
राखी
बदलाव
सुबह संदेशा ल...
एक सुबह ऐसी भ...
छुपा लेता हूँ...
कहाँ मिलता है...
चंद्रयान
बिखरती गई मोह...
शबनम में भीगा...
राज़_ए_उल्फ़त
हां हो जाती हूँ कमजोर क़भी क़भी अधूरा सा लगता हैं बाकी सभी। हां हो जाती हूँ कमजोर क़भी क़भी अधूरा सा लगता हैं बाकी सभी।
कभी तो ये नज़्म भी पहुंच तुम तक मुस्कुराएंगी जी जाएंगी । कभी तो ये नज़्म भी पहुंच तुम तक मुस्कुराएंगी जी जाएंगी ।
रंग के त्यौहार में रंगीनियों को सींच दें। अश्क सारे सूख जायें। रंग के त्यौहार में रंगीनियों को सींच दें। अश्क सारे सूख जायें।
कहीं दूर जब दिन ढल जाए वही शाम जब फिर से आये ! कहीं दूर जब दिन ढल जाए वही शाम जब फिर से आये !
मग़र! भटक जाता हूँ उलझकर तेरी गेसुओं की गहराई में।। मग़र! भटक जाता हूँ उलझकर तेरी गेसुओं की गहराई में।।
अरसों बाद हिम्मत कर फोन लगा दिया मेरी आवाज़ उसकी आवाज़ से मिलाए कैसे अरसों बाद हिम्मत कर फोन लगा दिया मेरी आवाज़ उसकी आवाज़ से मिलाए कैसे
रंग दी तुमने मेरी चुनरिया भीग गई मेरी चोली! रंग दी तुमने मेरी चुनरिया भीग गई मेरी चोली!
करती वह वसुधा का श्रृंगार पहन आकंठ फूलों का हार! करती वह वसुधा का श्रृंगार पहन आकंठ फूलों का हार!
सुनो मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूं जवानी न सही अब साथ रहना चाहता हूं! सुनो मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूं जवानी न सही अब साथ रहना चाहता हूं!
दिल लगाने की वजह तुम हो पास आने की वजह तुम हो! दिल लगाने की वजह तुम हो पास आने की वजह तुम हो!
जरा सांस ले लें घड़ी भर सनम किसी दिन तेरे दर पे आकर के हम... जरा सांस ले लें घड़ी भर सनम किसी दिन तेरे दर पे आकर के हम...
एक पगडंडी जो तुम तक गुजरती थी! एक पगडंडी जो तुम तक गुजरती थी!
होली में एक रंग हो तेरे गांव से, कुछ गुलाल मैं भेजूं अपने गांव से! होली में एक रंग हो तेरे गांव से, कुछ गुलाल मैं भेजूं अपने गांव से!
बांहों में एक सिहरन सी, पास आने की किसी की आस हो जैसे। बांहों में एक सिहरन सी, पास आने की किसी की आस हो जैसे।
भावनाओं का ऐक अन्तर्द्वन्द्व, अंतरमन में, हो कर निराकार। भावनाओं का ऐक अन्तर्द्वन्द्व, अंतरमन में, हो कर निराकार।
तन तूने रँग डाला मेरा अब मन भी रँग डाल सँवरिया। तन तूने रँग डाला मेरा अब मन भी रँग डाल सँवरिया।
वह प्रेम करता है उस दूसरी औरत से मेरे मोहल्ले की उस औरत से.... वह प्रेम करता है उस दूसरी औरत से मेरे मोहल्ले की उस औरत से....
सोचेंगे तुम्हें याद करें के नहीं।..2 यह दिल निसार करें कि नहीं।.. सोचेंगे तुम्हें याद करें के नहीं।..2 यह दिल निसार करें कि नहीं।..
फाग आया है निराला तूने कैसा रंग डाला पायल छनक गई मन हुआ मतवाला। फाग आया है निराला तूने कैसा रंग डाला पायल छनक गई मन हुआ मतवाला।
शब्दों के तने पर स्नेह का फल नहीं फलता, वहाँ सिर्फ़ दीमक मिलता है! शब्दों के तने पर स्नेह का फल नहीं फलता, वहाँ सिर्फ़ दीमक मिलता है!