STORYMIRROR

Reetu Devi

Romance

4  

Reetu Devi

Romance

इजाजत

इजाजत

1 min
281

दे दो आंखों में बसने की इजाजत।

दे दो रूह को मिलने की इजाजत।।


करती हूं तेरी इबादत दिन-रात

दे दो प्रेम करने की इजाजत।।


तुझ बिन बेरंग है मेरी जिंदगी

दे दो करीब रहने की इजाजत।


गुले गुलजार है जहां,पर मैं तन्हा

दे दो होंठों को चूमने की इजाजत।


तड़प रही हूं तुझे लगाने को गुलाल

दे दो बांहों में झूमने की इजाजत।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance