STORYMIRROR

प्रीति प्रभा

Abstract

3  

प्रीति प्रभा

Abstract

ईद का एहसास

ईद का एहसास

1 min
179

आज ईद है क्या खूब एहसास है

जब दिल से अपने सब पास है


नज़रों से आज सब दूर ही सही

मन में सभी के प्यार का मिठास है


त्यौहार होता नहीं है ये किसी एक का

इस पागल दुनिया को ये समझाया जाए


ईद-उल-जुहा को मोहब्बत से मनाया जाए

सभी को धर्म के नफ़रत से बचाया जाए


गिले शिकवे मिटा कर खुशियाँ बरसाया जाए

हर किसी को आज मुबारकबाद दिया जाए


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract