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Sunil Kumar

Children

4  

Sunil Kumar

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हरियाली- खुशहाली

हरियाली- खुशहाली

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हरियाली हो खुशहाली हो

दिन होली रात दिवाली हो

वन-उपवन से महके धरती 

कहीं न कोई बदहाली हो।


खुशियां ही खुशियां हों जीवन में  

कोई रात गमों की न काली हो

हरियाली हो खुशहाली हो।


घर-घर महके फूलों की डाली

धरा पर फैली हरियाली हो

मिट जाए धरा का प्रदूषण 

हर सुबह-शाम निराली हो

हरियाली हो खुशहाली हो।


फूलों सा महके यह जीवन 

प्रकृति की छटा निराली हो

हरियाली हो खुशहाली हो।


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