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अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Abstract

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अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

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होली रंग

होली रंग

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दिल्लगी का नशा है राधा प्यारी.

रुक रुक कर डालो रंग होली है.

श्याम रंग काला और राधा रंग गोरा.

हर रूप रंग बिरंगे दिल है चकोरा.

बुरा न मानो होली है.

रंग तो रंग है काला है या भूरा है...

गले मिलौ जमके हंसो हंसाओ रंग से..

होली है शुभ होली है..


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