होगा एक नया प्रभात
होगा एक नया प्रभात
समय का चक्र न थमा है, न थमेगा,
जिंदगी का पहिया आगे बढ़ता रहेगा।
वक्त का पहिया न रुका है, न रुकेगा,
कारवां चलता रहेगा, कारवां बढ़ता रहेगा।
अर्ध चंद्रमा की कलाएं नित दिन बदलेंगी,
सोलह कलाओं में पल्लवित इंदु सुधा रश्मि फैलाएगी।
रात काली आई है, चिंता की न कोई बात है,
आएगी एक नयी सुबह, होगा नया प्रभात।
रख विश्वास स्वयं पर हे मानव!
घोर अंधेरी रात के बाद उषा का आगमन होगा।
तिमिर छटेगा, उजियारा छाएगा,
विश्व इस महामारी से मुक्त हो जाएगा।
