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Pratiksha Rani

Romance

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Pratiksha Rani

Romance

हमराही

हमराही

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तू साथ तो दे हमराही

तेरे साथ चलूंगी मैं

तू मुझको समझ हमराही

तेरे साथ मिटूूंगी मैं


तेरे ये कदम जो जमीं पे परे

मैं फूल बन बिखरूू

गर जो कोई सितम करे

मैं ढाल आके बनूं


तू हां तो कर हमराही

फिर ना न कहूंगी मैं

तू बात तो कर हमराही 

फिर सुनती रहूंगी मैं 


तू साथ तो चल हमराही

तेरे साथ चलूंगी मैं।


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