STORYMIRROR

Pratiksha Rani

Romance

3  

Pratiksha Rani

Romance

गुलाब

गुलाब

1 min
209

मैं वो गुलाब

जिसमें तेरे बिन खुशबू नहीं...

तेरे बिन गुलशन नहीं,

प्यार क्या एहसास क्या...!

तेरे बिन मौसम नहीं...

मैं वो गुलाब

जो तुम बिन बेगाना है,

कांटो का बस ढांचा है,

इजहार क्या इकरार क्या...!

तेरे बिन जीवन नहीं,

मैं वो गुलाब

जिसमें तेरे बिन खुशबू नहीं...


ഈ കണ്ടെൻറ്റിനെ റേറ്റ് ചെയ്യുക
ലോഗിൻ

More hindi poem from Pratiksha Rani

नींद

नींद

1 min വായിക്കുക

तेरे संग

तेरे संग

1 min വായിക്കുക

क्यों...?

क्यों...?

1 min വായിക്കുക

गुलाब

गुलाब

1 min വായിക്കുക

हमराही

हमराही

1 min വായിക്കുക

जिंदगी

जिंदगी

1 min വായിക്കുക

Similar hindi poem from Romance