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Inderjeet Singh

Romance

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Inderjeet Singh

Romance

तुमने इतनी देर लगादी

तुमने इतनी देर लगादी

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सारी उम्र गुजारी हमने, बस तुमको ही पाने में।

तुमने इतनी देर लगादी,  आते आते आने में।।


सारा जीवन हमने तेरे, उदगारों को पाला है।

अपने दिल के अंदर हमने, तेरे दिल को डाला है।

इंतजार अब भी है तेरा, हूँ अब भी मयखाने में।

तुमने इतनी देर लगादी,  आते आते आने में।।


क्या तुमको अहसास नहीं हैं, मेरे इन अहसासों का।

तेरे साँसों की सरगम से, राग मिले निज सांसों का।

साथ नहीं दुनियाँ में तेरा, मैं क्या करूँ जमाने में।

तुमने इतनी देर लगादी,  आते आते आने में।।


सदा तुम्हीं हो चाँद हमारे, और नहीं कोई दूजा।

दिल ने तुझको रब माना है, रोज करे तेरी पूजा।

तुम ही मेरे सोना चाँदी, तुम ही बचे खजाने में।

तुमने इतनी देर लगादी,  आते आते आने में।।


इन यादों के समंदरों में, मैं बस डूबा ही रहता।

तुझ पर सारे छन्द लिखूँ मैं, गजल शेर तुझपर कहता।

जिन गीतों में नाम न तेरा, क्या फिर उनको गाने में।

तुमने इतनी देर लगादी,  आते आते आने में।।



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