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Pratiksha Rani

Romance

3  

Pratiksha Rani

Romance

खत तेरे नाम का

खत तेरे नाम का

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203

सोचा 

खत लिखूं तेरे नाम का

जिसमें खुशबू हो मेरे प्यार की

हमारे इश्क़ के जज़्बात की

वो पहली मुलाकात की...

क्या हसीं शाम थी वो

नज़ारा खुशमिजाज था,

आफताब की रौशनी में 

वो तेरा अंदाज़ क्या था !

नज़रें खुशनसीब थीं 

जिनको तेरा दीदार था,

हमारे इश्क़ के जज़्बात का

वो पहली मुलाकात की...

सोचा 

खत लिखूं तेरे नाम का

जिसमें खुशबू हो मेरे प्यार की....।



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