STORYMIRROR

Vaishno Khatri

Abstract

4  

Vaishno Khatri

Abstract

हमदम

हमदम

1 min
247

यदि तुम हमारे जीवन के हमसफ़र हो जाते

तो तुम्हारी याद में हमेशा के लिए डूब जाते।


यदि तुम हमारी तन्हाइयों के सहारे हो जाते

तो जीवन के सबसे ख़ुशनसीब पल आ जाते।


यदि तुम हमारी अँखियों को आशियाँ बनाते

तो हम गुज़रे हुए पल अपनी यादों में बसाते।


यदि इंतज़ार कर हमारी राहों को तका करते

तो तेरी यादों के सहारे जीवन गुज़ारा करते।


अधूरी जिंदगी सम्पूर्ण होती साथ ग़र तुम देते

चंद खुशियाँ जुड़ जातीं, ग़म दामन छोड़ देते।


यदि हमसफ़र होते तो जिंदगी तुम पे वार देते

कर याद भूली बिसरी यादें जीवन गुज़ार देते।


यदि जीवन की डूबी नैया को सहारा मिलता

तो जीवन भी खुशनुमा व रंगों से भरा मिलता।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract