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Vaishno Khatri

Abstract

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Vaishno Khatri

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हमदम

हमदम

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यदि तुम हमारे जीवन के हमसफ़र हो जाते

तो तुम्हारी याद में हमेशा के लिए डूब जाते।


यदि तुम हमारी तन्हाइयों के सहारे हो जाते

तो जीवन के सबसे ख़ुशनसीब पल आ जाते।


यदि तुम हमारी अँखियों को आशियाँ बनाते

तो हम गुज़रे हुए पल अपनी यादों में बसाते।


यदि इंतज़ार कर हमारी राहों को तका करते

तो तेरी यादों के सहारे जीवन गुज़ारा करते।


अधूरी जिंदगी सम्पूर्ण होती साथ ग़र तुम देते

चंद खुशियाँ जुड़ जातीं, ग़म दामन छोड़ देते।


यदि हमसफ़र होते तो जिंदगी तुम पे वार देते

कर याद भूली बिसरी यादें जीवन गुज़ार देते।


यदि जीवन की डूबी नैया को सहारा मिलता

तो जीवन भी खुशनुमा व रंगों से भरा मिलता।


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