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Sachin Gupta

Abstract Tragedy Action

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Sachin Gupta

Abstract Tragedy Action

हम

हम

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हम

खामोश नहीं तैयार हैं हम,

हर मौसम में बरसात हैं हम,

इस देश के पहरेदार हैं हम,

पूरे विश्व में प्रचार हैं हम ।


सत्य और अहिंसा के कर्जदार हैं हम,

        अपने भारत देश के वफादार हैं हम,

        समझना न तुम हमें, ऐसा वैसा,

चौबीस घंटे के पहरेदार हैं हम ।


हर आतंकवाद, और नक्सलवाद

हर हिंसा, और हर विद्रोह के लिए

ठोस दीवार हैं हम,

हर पल इससे लड़ने को तलवार हैं हम,

मरने और मारने को तैयार हैं हम ।


        ईद, दीपावली से हमें कोई नाता नहीं,

        तीज त्यौहार, हमें कोई भाता नहीं ,

        वेद पुराण हो या हो या गीता कुरान ,

        इन सबका करते हैं सम्मान हम ।

        ज्यादा इनसे रखते कोई नाता नहीं,

        बस कर्तव्य एक ही हमें निभाना है

        इस धरती को हर हाल में बचाना है

                              

चाहे शीश कटे या जाये यह प्राण ।

हर सूरत में लड़ना है स्वीकार हमें,

जीना है स्वीकार तो मरना भी है स्वीकार हमें ,

इस भारत माँ के लाल है हम

अपने भारत के पहरेदार है हम ।


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