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AVINASH KUMAR

Romance

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AVINASH KUMAR

Romance

हम तुम में

हम तुम में

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रात की पलकें देख रहीं हैं

जुगनू आँखें खोल रहें हैं

लेकिन है उजियारे जैसा

भोर के पंछी बोल रहे हैं

सोई है जब सारी दुनिया

फिर आँखों में जागा कौन 

हम तुम में से कृष्ण कौन है

हम तुम में से राधा कौन 


पनघट पर है खाली गगरी

कौन इसे भर पायेगा

लगता है सावन भी अबकी

तृष्णा से मर जायेगा

अम्बर धरती दोनों व्याकुल

पर दोनों में ज्यादा कौन

हम तुम में से कृष्ण कौन है

हम तुम में से राधा कौन


दुनिया कहती एक है माला

लेकिन कैसे माना जाए

मोती जाए धागे में या

मोती में से धागा जाए

तय करना है कौन है मोती

तय करना है धागा कौन

हम तुम में से कृष्ण कौन है

हम तुम में से राधा कौन।


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