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G.S. Pachouri

Inspirational

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G.S. Pachouri

Inspirational

हम इंसान हैं साहब

हम इंसान हैं साहब

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हम हम इंसान हैं साहब

 -चोट लगाती,गिरते हैं, उड़ते हैं, फिर खड़े हो जाते हैं।
 हम खिलौने नहीं, इंसान हैं साहब

,इसी साहस से बड़े हो जाते हैं।

 तेज़ धूप हो या बरसात,बचते-बचाते आगे बढ़ते जाते हैं।

 हम इंसान हैं,

सब कुछ सहकर अपनी राह बनाते हैं।

 रास्ता उल्टा हो या सीधा,या सामने समंदर ही क्यों न हो,


साहब,अपने साहस से उसे भी जीत जाते हैं। गिरते-पड़ते चलते हैं,

फिर खड़े हो जाते हैं, साहब।


हम इंसान हैं,आत्मविश्वास और साहस के बल पर समंदर को भी पार कर जाते


 गिरजा शंकर पचौरी "शिवाय " 


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