STORYMIRROR

Prashant Subhashchandra Salunke

Romance

4  

Prashant Subhashchandra Salunke

Romance

हम बन बैठे शायर

हम बन बैठे शायर

1 min
332

महोब्बत में हम किताब में खो गए

लिखते तुझे देख शायरी और गजल


तुम्हसे जुड़े छुडाते गए हम हर पजल

पन्नो में उलझी सी जिंदगी जैसे नजर


माशूक होने का था मन में मजर

लेकिन ठुकरा गई तू और हम...

अजी हम बन बैठे शायर.


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance