Prashant Subhashchandra Salunke
Romance
महोब्बत में हम किताब में खो गए
लिखते तुझे देख शायरी और गजल
तुम्हसे जुड़े छुडाते गए हम हर पजल
पन्नो में उलझी सी जिंदगी जैसे नजर
माशूक होने का था मन में मजर
लेकिन ठुकरा गई तू और हम...
अजी हम बन बैठे शायर.
कांप उठी धरती
कोरोना तूने ह...
फिल्मो की भी ...
अरे! ओ रे... ...
एकबार दिखा उड...
दिल में रहता ...
एकदिन हमको मि...
भागो भागो एलि...
भूल मत तेरा ...
हम बन बैठे शा...
अपने घाव खुद ही पोंछ कर, साँसे हैं तो जीयेगा न मेरे यार ! अपने घाव खुद ही पोंछ कर, साँसे हैं तो जीयेगा न मेरे यार !
मैं आशिक तेरा कबूल करता हूँ मैं आप साथ छोड़ मगर क्यो चलने लगे मैं आशिक तेरा कबूल करता हूँ मैं आप साथ छोड़ मगर क्यो चलने लगे
तू बता खुद ही जवाब होकर मेरी मुहब्बत का क्यूँ सवाल किया तुझको पता है, दिल की दुनिया म तू बता खुद ही जवाब होकर मेरी मुहब्बत का क्यूँ सवाल किया तुझको पता है, दिल की ...
ना मैं तेरी राधा, ना मैं तेरी रूकमण, मैं तो तेरी मीरा बावरिया। ना मैं तेरी राधा, ना मैं तेरी रूकमण, मैं तो तेरी मीरा बावरिया।
हँसती है जब भी तू, AKM लगती है, Speed है तुझ में ऐसी, जैसे Buggy Boost करती है। हँसती है जब भी तू, AKM लगती है, Speed है तुझ में ऐसी, जैसे Buggy Boost करत...
बासंती मदमस्त पवन खिलखिलाते पंखुड़ियों से बासंती मदमस्त पवन खिलखिलाते पंखुड़ियों से
हमें आपकी मुलाकात का इंतजार रहेगा हमें आपकी मुलाकात का इंतजार रहेगा
सारी रात गुजर गई पर बात बाकी रह गई तुम सामने ही थे पर यह आँखे प्यासी रह गईं सारी रात गुजर गई पर बात बाकी रह गई तुम सामने ही थे पर यह आँखे प्यासी रह गईं
हवाओं की सर्द ओढ़नी जब आकर बिखरे दरख्तों के शानों पर हवाओं की सर्द ओढ़नी जब आकर बिखरे दरख्तों के शानों पर
कि तुमको, रब को और रूह को फिरसे मिलवा पाऊँ मैं। कि तुमको, रब को और रूह को फिरसे मिलवा पाऊँ मैं।
मेरे खवाबों के इस खवाब को हक़ीक़त बना दे ऐ मौला। दो दिलों की इस अधूरी दास्तां को मेर मेरे खवाबों के इस खवाब को हक़ीक़त बना दे ऐ मौला। दो दिलों की इस अधूरी दास्त...
इस धड़कते दिल से बोली इसे धड़काने वाले का शुक्रिया। इस धड़कते दिल से बोली इसे धड़काने वाले का शुक्रिया।
अपने प्यार का इज़हार करने के लिए मैं तुझसे मिलने निकल गई थी दिल थोड़ा बेचैन सा हो रहा थ अपने प्यार का इज़हार करने के लिए मैं तुझसे मिलने निकल गई थी दिल थोड़ा बेचैन ...
फिर तुम आई स्पर्श कर मन को, अपने प्रेम की ऊष्मा उसमें व्याप्त कर दी फिर तुम आई स्पर्श कर मन को, अपने प्रेम की ऊष्मा उसमें व्याप्त कर दी
चलो, कर दो अब इजहार चलो, कर दो अब इजहार
मेरे अहसासों के इतने करीब हो तुम, कि ये बन्द आंखे देख लेतीं हैं तुमको तेरा हँसना औ वो मेरे अहसासों के इतने करीब हो तुम, कि ये बन्द आंखे देख लेतीं हैं तुमको तेरा...
शायद तेरी हाँ ना भी मिले, फिर भी हमें तेरी ना ही चाहिए। शायद तेरी हाँ ना भी मिले, फिर भी हमें तेरी ना ही चाहिए।
कि इस टूटे दिल की ख़ातिर हम किसी की भी मोहब्बत बन जाएंगे। कि इस टूटे दिल की ख़ातिर हम किसी की भी मोहब्बत बन जाएंगे।
जिनसे चाहती हूँ दिल की बात कहना। जिनसे चाहती हूँ दिल की बात कहना।
बंद दरवाजों को आओ, मिल खोल देते हैं दीवारों में पड़ी धूल को ,मिल साफ़ कर देते हैं बंद दरवाजों को आओ, मिल खोल देते हैं दीवारों में पड़ी धूल को ,मिल साफ़ कर देत...