Prashant Subhashchandra Salunke
Romance
महोब्बत में हम किताब में खो गए
लिखते तुझे देख शायरी और गजल
तुम्हसे जुड़े छुडाते गए हम हर पजल
पन्नो में उलझी सी जिंदगी जैसे नजर
माशूक होने का था मन में मजर
लेकिन ठुकरा गई तू और हम...
अजी हम बन बैठे शायर.
कांप उठी धरती
कोरोना तूने ह...
फिल्मो की भी ...
अरे! ओ रे... ...
एकबार दिखा उड...
दिल में रहता ...
एकदिन हमको मि...
भागो भागो एलि...
भूल मत तेरा ...
हम बन बैठे शा...
हर बूंद उसकी चाहत की गवाही सी लगी। हर बूंद उसकी चाहत की गवाही सी लगी।
तुम समुन्दर से विशाल, मैं नदी जैसी तेज़। तुम समुन्दर से विशाल, मैं नदी जैसी तेज़।
नींदों में ख़्वाबों में अँखियन की चाहों में। नींदों में ख़्वाबों में अँखियन की चाहों में।
जब उसके साथ वक़्त बिताना अच्छा लगता है जब उसे खोने का डर हमेशा होता है। जब उसके साथ वक़्त बिताना अच्छा लगता है जब उसे खोने का डर हमेशा होता है।
तुम पूर्णता का अनुपम, अद्भुत अकल्पनीय लहराता सागर हो तुम। तुम पूर्णता का अनुपम, अद्भुत अकल्पनीय लहराता सागर हो तुम।
कर दे जैसे को तैसा प्यार कर मेरे जैसा छेड़ प्यार की जंग बदला प्यार का ले लो ना कर दे जैसे को तैसा प्यार कर मेरे जैसा छेड़ प्यार की जंग बदला प्यार का...
पर मन में खालीपन सा होगा, तब तुम मुझको याद करोगे। पर मन में खालीपन सा होगा, तब तुम मुझको याद करोगे।
अंजान के दिल में इश्क का तूफान रहने दे। अंजान के दिल में इश्क का तूफान रहने दे।
क्योंकि उस दिन तेरे अंदर भी एक दिल धड़केगा। क्योंकि उस दिन तेरे अंदर भी एक दिल धड़केगा।
मुझे आदत सी हो गई अब तेरे बगैर जीने की। मुझे आदत सी हो गई अब तेरे बगैर जीने की।
तेरे प्यार में तेरे दर पर मर जाऊँगा तुम मुझे अपना समझो या न समझो। तेरे प्यार में तेरे दर पर मर जाऊँगा तुम मुझे अपना समझो या न समझो।
तू बना दे सबसे सुंदर चित्र इस संसार का। तू बना दे सबसे सुंदर चित्र इस संसार का।
बिल्कुुल वैसी ही रखी हूँ सहेजकर इस सुर्ख से गुलाब में। बिल्कुुल वैसी ही रखी हूँ सहेजकर इस सुर्ख से गुलाब में।
*मुतमइन-शांत *ज़बीन-माथा मकीन-मकीन में रहने वाला *मुतमइन-शांत *ज़बीन-माथा मकीन-मकीन में रहने वाला
मोहब्बत की दुनिया में, अकेला न हो जाऊं। मोहब्बत की दुनिया में, अकेला न हो जाऊं।
आंखों से पूरी दुनिया सुंदर है यह दुनिया की सबसे बड़ी जरूरत है। आंखों से पूरी दुनिया सुंदर है यह दुनिया की सबसे बड़ी जरूरत है।
तुम नींद औ मीठे स्वप्नों में दरिया से बहते रहते हो। तुम नींद औ मीठे स्वप्नों में दरिया से बहते रहते हो।
अनगिनत तारों तले, चंदा के आगोश के जैसी। अनगिनत तारों तले, चंदा के आगोश के जैसी।
तुम्हीं को ना छीन ले प्यार से तुम्हें अपनाकर। तुम्हीं को ना छीन ले प्यार से तुम्हें अपनाकर।
लब तेरे क्यों रहते गुमसुम क्या मुझपे करती हो शक तुम माफ करो गलती हुयी ये तो शर्माना लब तेरे क्यों रहते गुमसुम क्या मुझपे करती हो शक तुम माफ करो गलती हुयी ये ...