Harish Bhatt
Inspirational
नाम है
पहचान नहीं
ईमानदार हूं
बेईमान नहीं
खामोश हूं
गूंगा नहीं
हकीकत हूं
ख्वाब नहीं
क्योंकि
जवाब हूं
सवाल नहीं
जीवन चक्र
तेरा साया और ...
नवपथ
समझ
तुम और मैं
आवाज
तुम
मानसून
अहसास
प्रश्नचिन्ह
देवालय में बैठा बैठा मैं मन में करता ध्यान। शुभ दिन आया मैं करूँ दीप कौन सा दान। देवालय में बैठा बैठा मैं मन में करता ध्यान। शुभ दिन आया मैं करूँ दीप कौन सा द...
सफलता की एक ऐसी कहानी ये, जिसने बदला नज़रिया। सफलता की एक ऐसी कहानी ये, जिसने बदला नज़रिया।
इंद्रधनुष देखकर मेरे मन में सदा, एक ही ख्याल आता है! इंद्रधनुष देखकर मेरे मन में सदा, एक ही ख्याल आता है!
पुकार ले कोई जो पीछे से, तो रुक जाएं ये कदम. पुकार ले कोई जो पीछे से, तो रुक जाएं ये कदम.
अति विशाल यह लिखित, लचीला है अपना संविधान बना। अति विशाल यह लिखित, लचीला है अपना संविधान बना।
हाथ जोड़ कहते चुनाव में,माफ़ करो हुआ जो भी यहां गलती - चूक। हाथ जोड़ कहते चुनाव में,माफ़ करो हुआ जो भी यहां गलती - चूक।
दुनिया में कोई भी देश, मेरे देश से नहीं है अनजान। दुनिया में कोई भी देश, मेरे देश से नहीं है अनजान।
इस श्रृंगार में चार चांँद लगाता है उद्यान सुंदरवन सदाबहार। इस श्रृंगार में चार चांँद लगाता है उद्यान सुंदरवन सदाबहार।
जीवन क्या,बस साँसों का सौदा , ता-उम्र यहाँ बस भरनी किस्त ।। जीवन क्या,बस साँसों का सौदा , ता-उम्र यहाँ बस भरनी किस्त ।।
चौदह संतानों में बालक इक, वीर सुभाष चन्द्र बोस कहलाए।। चौदह संतानों में बालक इक, वीर सुभाष चन्द्र बोस कहलाए।।
हर चेहरे की अपनी पहचान, हर शख्स की अलग है शान। हर चेहरे की अपनी पहचान, हर शख्स की अलग है शान।
क़िससे किसकी आजादी, किसको दिखती है आजादी। क़िससे किसकी आजादी, किसको दिखती है आजादी।
अहिल्याबाई का सुदृढ़ व्यक्तित्व, उनकी जीवन गाथा। अहिल्याबाई का सुदृढ़ व्यक्तित्व, उनकी जीवन गाथा।
बैर और नफरत की दीवार को, मिलकर मिटटी में मिलाते हैं चलो इस जनवरी, जन जन को जगाते हैं. बैर और नफरत की दीवार को, मिलकर मिटटी में मिलाते हैं चलो इस जनवरी, जन जन को...
नव यौवना प्रकृति चंचला, महके तन पे इत्र चंदन। नव यौवना प्रकृति चंचला, महके तन पे इत्र चंदन।
ये सूना पड़ा हुआ घर, घर का खाली पड़ा अहाता। ये सूना पड़ा हुआ घर, घर का खाली पड़ा अहाता।
इस धरती को नमन मैं करता हूँ, जिस पर गंगा बहती है। इस धरती को नमन मैं करता हूँ, जिस पर गंगा बहती है।
छोटे-छोटे पल जीवन के कई बार हम यूंँ ही गंवा देते हैं। छोटे-छोटे पल जीवन के कई बार हम यूंँ ही गंवा देते हैं।
सबसे अलग और सबसे अनोखा ये संविधान हमारा है, ये संकल्प हमारा है, ये गणतंत्र हमारा हैI सबसे अलग और सबसे अनोखा ये संविधान हमारा है, ये संकल्प हमारा है, ये गणतंत्र ह...
नव स्फूर्ति के साथ नवाचार हो नये वर्ष में हर्ष का विस्तार हो. नव स्फूर्ति के साथ नवाचार हो नये वर्ष में हर्ष का विस्तार हो.