STORYMIRROR

Raksha Gupta

Abstract Inspirational

4  

Raksha Gupta

Abstract Inspirational

हिंदुस्तान की हिन्दी

हिंदुस्तान की हिन्दी

1 min
99

मैं हिंदुस्तान की हिन्दी हूँ 

मैं सबके हूँ दिल की भाषा, 

रखूँ सदा अपनत्व की आशा 

चिर पुरातन युगों की हूँ रानी, 


मुझसे ही हैं कथा कहानी 

सूरदास के नैनों की ज्योति, 

मीरा, रसखान के प्रेम की पूर्ति 

तुलसी के मैं राम की भक्ति,


वीरों की रचूं ओज और शक्ति 

विरह मिलन भी लिखती हूँ मैं, 

गौरव गाथा भी गढ़ती हूँ मैं 

भारत की तो शान है मुझसे, 


चाहूँ बस सम्मान मैं सबसे।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract