STORYMIRROR

Raksha Gupta

Abstract Romance Inspirational

3  

Raksha Gupta

Abstract Romance Inspirational

नयी सोच

नयी सोच

1 min
272

कह दूँ क्या मैं...या चुप रहूँ

दिल में मेरे आज क्या है.. 

जो बोलूँ तो जाने, सपना कोई न माने

चलो फिर भी कहती हूँ मैं... 


सोचा है मैंने, ऐसी दुनिया बसाएँ, 

गम और ईर्ष्या को जहाँ से दूर भगाएँ.. 

भाव हों आदर के हर एक नज़र में, 

सूनी राह पर भी चले न कोई भी डर के... 


अरे हाँ, हाँ... हाय रे हाँ हाँ... यह कब होगा.. 

कभी तो, कभी तो..... 


कह दूँ क्या मैं...या चुप रहूँ

दिल में मेरे आज क्या है.. 

जो बोलूँ तो जाने, सपना कोई न माने

चलो फिर भी कहती हूँ मैं... 


फिल्म का नाम- दीवार

गाना- कह दूँ तुम्हें या चुप रहूँ... 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract