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Hardik Mahajan Hardik

Abstract

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Hardik Mahajan Hardik

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अनजानों में

अनजानों में

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अनजानो मैं अनजान हूँ,

तुममें हममें बेकरार हूँ,

आहटों की तरह

रूह का सुकून हूँ,


निश्छल हूँ, निडर हूँ,

नींदों की तरह परियोग हूँ,

कल्पना हूँ, कठीत हूँ,

निर्झर हूँ, वियोग हूँ,


परिपूर्ण प्रकृति हूँ,

विलोम हूँ, व्याकुल हूँ,

परिपूर्ण हूँ, परिवर्तित हूँ,

निदान हूँ, सुदान हूँ,


वाणी हूँ, वीणा हूँ,

अमृत हूँ, अमृतमंथन हूँ,

धूल हूँ, मिट्टी हूँ,

ज़मीं हूँ, आसमाँ हूँ,


नर्मदा हूँ, गंगा हूँ,

यमुना हूँ,जमुना हूँ,

गोदावरी हूँ, कावेरी हूँ,

चाँद हूँ, तारा हूँ,


सूरज हूँ, किरण हूँ,

लोम हूँ, विलोम हूँ,

लोक हूँ, परलोक हूँ।


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