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S K Maurya

Abstract

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S K Maurya

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हिमालय को गर्व

हिमालय को गर्व

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पर्वतराज हिमालय को, 

क्या अपने ऊपर कभी गर्व होता होगा ?

क्या उसको भी अपनी ऊचाई का, 

कभी घमंड होता होगा ?

क्या वह भी अपने शिखरों पर, 

चढ़कर खूब इतराता होगा ?

या तप - योग करके ही वह, 

अपना दिन - रात बिताता होगा ।

पर्वतराज हिमालय को क्या, 

अपने ऊपर कभी गर्व होता होगा ।


गिरिराज की उपाधि पर, 

क्या उसका सिर भी गर्व से ऊंचा होता होगा ?

या वह भी अपने आपको, 

ऋषि-मुनियो सा शांत रखता होगा । 

औषधियों की खान कहे जाने पर, 

क्या वह भी इतराता होगा ?

या अपने आप को हिम की ही भांति, 

वह शांत रखता होगा। 

पर्वतराज हिमालय को, 

क्या आपने ऊपर कभी गर्व होता होगा ? 


वेदों की रचना उस पर हुई, 

यह सोच के वह खुश होता होगा ?

या नए भविष्य की कुछ नई रचनाए, 

वह अपने ऊपर रचता होगा। 

अपने ऊपर लिखे गए रचनाओ को, 

सुनकर वह भी हंसता होगा । 

या नई रचनाओं को सुनने के लिए, 

वह हमेशा उत्साहित रहता होगा। 

पर्वतराज हिमालय को, 

क्या अपने आर कभी गर्व होता होगा ?

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