Sarita Kumar
Romance
किसी को पा लेने
और किसी के हो जाने में
फर्क बस इतना है
हासिल जिन्हें किया है
उन्हें खो भी सकते हैं
मगर जिनके हो चुके हैं
वो हमेशा मेरे हैं
#नो ड्यूज
वक्ता
मेरी पंक्तिया...
आंसू
इंतजार
इश्क
बारिश की फुहा...
एक मीठी सी मु...
नदी
तुम बकवास हो
ये मेरा घमंड है, तुम नहीं, तो ग़म नहीं पर तुम नहीं, तो बस खुशी कम है। ये मेरा घमंड है, तुम नहीं, तो ग़म नहीं पर तुम नहीं, तो बस खुशी कम है।
अब तो इंतजार के आंसू भी मेरी पलकों में आकर सूख गए, अब तो इंतजार के आंसू भी मेरी पलकों में आकर सूख गए,
आपकी चाहत, मोहब्बत,उंसियत का है असर। आपकी चाहत, मोहब्बत,उंसियत का है असर।
तकिये से पूछो बारिश में मैं कितना अश्क बहाया था ! तकिये से पूछो बारिश में मैं कितना अश्क बहाया था !
जगमगाता आकाश, बिछा दिया सितारों का जाल। जगमगाता आकाश, बिछा दिया सितारों का जाल।
निक्टर प्रेमवासना की दिव्य कली है! निक्टर प्रेमवासना की दिव्य कली है!
तुम्हारी आहट पर मुझे कुछ पूर्णता का आभास तो हो। तुम्हारी आहट पर मुझे कुछ पूर्णता का आभास तो हो।
लड़का हूँ न allowed नहींं है आजकल के बाजार में। लड़का हूँ न allowed नहींं है आजकल के बाजार में।
हां बहुत बुरे हो तुम कभी भी मुझे बांहों में घेर नहीं कहते हो जान न ही जानू न देते हो गुलाब न ही ... हां बहुत बुरे हो तुम कभी भी मुझे बांहों में घेर नहीं कहते हो जान न ही जानू न...
अधरों का रंग अलग दिखता, आँखें रंगीन सी लगती है हाथों की मेंहदी रंग अलग, और पाँव महावर अधरों का रंग अलग दिखता, आँखें रंगीन सी लगती है हाथों की मेंहदी रंग अलग, और पा...
तूने छुआ जो रूह आ गई तो मुझे खुद से भी प्यार है। तूने छुआ जो रूह आ गई तो मुझे खुद से भी प्यार है।
अब मैं बताता भी तो क्या बताता अब बताने को ज्यादा कुछ। अब मैं बताता भी तो क्या बताता अब बताने को ज्यादा कुछ।
वो एक दूसरे को पीठ ज़रूर किए बैठी है लेकिन एक दूजे से बेइन्तहा इश्क़ भी किए बैठी है। वो एक दूसरे को पीठ ज़रूर किए बैठी है लेकिन एक दूजे से बेइन्तहा इश्क़ भी किए ...
तुम बिन सावन का हर रंग केवल पीड़ा दे रहा था, फैली थी चारों और उदासी सब थे बस प्यार नहीं तुम बिन सावन का हर रंग केवल पीड़ा दे रहा था, फैली थी चारों और उदासी सब थे बस प्...
पर ये मुममिन नहीं और इसी तन्हाई में गुमसुन अकेला बैठा मैं। पर ये मुममिन नहीं और इसी तन्हाई में गुमसुन अकेला बैठा मैं।
किताबों में छुपा गुलाब मौन, तुम्हारी कहानी सुनाता रहा। किताबों में छुपा गुलाब मौन, तुम्हारी कहानी सुनाता रहा।
कभी-कभी बंद निगाहें भी, मन की खिड़की खोलती है। कभी-कभी बंद निगाहें भी, मन की खिड़की खोलती है।
तकदीर में मेरी वो ना हो अगर.... रूह में तो समाये है मेरी मगर तकदीर में मेरी वो ना हो अगर.... रूह में तो समाये है मेरी मगर
ख़त लिख रहा हूं, जिंदगी विरान है। ख़त में भरता हूं अक्स, ख़त लिख रहा हूं, जिंदगी विरान है। ख़त में भरता हूं अक्स,
बेशक तुम मत आना... बस कह देना की आऊंगा। बेशक तुम मत आना... बस कह देना की आऊंगा।