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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational


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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational


हारे का सहारा,खाटूश्याम

हारे का सहारा,खाटूश्याम

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मेरे खाटूश्याम,तेरा बड़ा है,नाम

तू हारे हुओं को देता,जीत दान

तू श्याम बाबा शीश का है,दानी,

तेरी लीला प्रभु बड़ी है,तूफानी


सच्चे मन से जो पुकारे,श्री श्याम

तू बना देता,उसके बिगड़े काम

श्याम बाबा तेरे को कोटि प्रणाम

तू भक्तों का रखे पल-पल ध्यान


तुझसे ही सूरज,तुझसे ही चांद

तेरी रजा बिना,न हो कोई काम

तू कलयुग का सच्चा,भगवान

तू जग के हारों को देता है,मान


जिसने भी लिया,बाबा तेरा नाम

तूने उसका कर दिया,कल्याण

तेरी असीम मेहर जिस पर हो,

उसे ही बुलाता तू खाटूश्याम


तेरी कृपा हुई,साखी पर भगवान

तूने बुलाया,मुझे भी अपने धाम

तेरी जय हो,जय हो खाटूश्याम

जीवन में ऐसे बुलाते रहना,श्याम


जब तक चलते रहे,जिस्म में प्राण

तेरी कृपा से तैर जायेगी,पत्थर जान

मुझे न आती,कोई भक्ति भगवान

इतनी कृपा करना,मेरे खाटूश्याम


तुझे याद करते हुए निकले प्राण

तू जो नही,हर घट पत्थर समान

मेरी तो तू ही नाव,तू ही पतवार

हर हारे का सहारा,खाटूश्याम


मेरी तो तू ही सुबह,तू ही शाम

जिस दिन न लूं,खाटूश्याम नाम

उसदिन का हरकर्म,मिट्टी समान

मेरा हर कर्म,हर सांस खाटूश्याम।



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