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Sushma Tiwari

Abstract

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Sushma Tiwari

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हाँ यही प्यार ज़रूरी है

हाँ यही प्यार ज़रूरी है

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हाँ जी प्यार तो ज़रूरी है इस जहां में

कैसे कोई रिश्ता बने इसके बिना

चाहे माँ का बच्चे से, या भाई का बहन से

चाहे दोस्त या यार हो, या जानवरों से प्यार हो

प्यार तो ज़रूरी है इस जहां में


जीवन की डगर मे एक हमराह ना सही

हमराज़ तो ज़रूरी है, विश्वास होना चाहिए

राहें एक ना हो, मंजिल एक ना हो

विचार एक ना हो, थोड़ा प्यार होना चाहिए

क्यूँकि प्यार ज़रूरी है इस जहाँ में


ये ज़रूरी नहीं की वो दिन को रात कहे

और रात को दिन ऐसा प्यार हो

थोड़ी समझ एक दूजे के एहसासों का हो

इज़्ज़त हो, ऐसा प्यार हो, ऐसा संसार हो

हाँ, प्यार ज़रूरी तो है इस जहां में। 


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