STORYMIRROR

अबोली 😊

Tragedy

2  

अबोली 😊

Tragedy

गुनाह

गुनाह

1 min
98

वो सरे आम

कत्ल कर गए

जहरीले अल्फाजों से

और हमीं से पुछते है

हमसे गुनाह क्या हुआ।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy