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अबोली 😊

Abstract Romance

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अबोली 😊

Abstract Romance

शबाब

शबाब

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चांद का शबाब परवान चढ़ा

और रात भी जवां थी

मचले थे अरमान चांदनी के

ये चांद को ख़बर कहा थी। 



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