गर रखो हसरत फूलों से
गर रखो हसरत फूलों से
गर रखो हसरत फूलों से,
तो कांटों से ना रुसवाई,
जीवन के कई मोड़ पर,
दोनों ही साथ निभाए।।
जीवन है रंग बिरंगी,
हम जीते बन अतरंगी,
इसके भाव है अनमोल,
इसे हल्के में ना तोल।
गमों को भी हंस गले लगा,
खुशियां तो खिलखिलाती है,
पत्थर भी जो मिले तुझे तो,
मोम समझ तू उसे पिघला।
दगा अपने ही देते हैं,
औरों की है बिसात कहां,
जो माफ करे दुश्मन को,
उस से बड़ा ना कोई यहां..।।
