Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021
Comedy
"विरहणी क विर...
"प्यार की सौग...
" मिथिलाक नार...
"साथी "
साथी "
टमाटर और मेरी...
“मुसाफिर”
"कविता की व्य...
“अपनी आवाज”
"अकेले चल पड़ो...
महंगा खाना खाते थे, और महंगी गाड़ी में जाते थे, हम तो अपने घर में भी, इज्जत कुत्ते सी महंगा खाना खाते थे, और महंगी गाड़ी में जाते थे, हम तो अपने घर में भी, इज्जत क...
और एक दिन नौकरी की परीक्षा देने गये। रिजल्ट ऐसा आया साहब की पूछो मत। । और एक दिन नौकरी की परीक्षा देने गये। रिजल्ट ऐसा आया साहब की पूछो मत। ।
आजकल हमारी बाई बाइक पर आती है, वो खाना बना कर चली जाती, मैं बरतन पोंछा करती हूँ। आजकल हमारी बाई बाइक पर आती है, वो खाना बना कर चली जाती, मैं बरतन पोंछा करत...
मगर डाई लगाने की आदत नहीं गई सो नहीं गई। मगर डाई लगाने की आदत नहीं गई सो नहीं गई।
सात फेरे लेकर फंस गए हम हाय किस्मत हमारी फूटी है, सात फेरे लेकर फंस गए हम हाय किस्मत हमारी फूटी है,
खरीददार को कोई जबरदस्ती नहीं मुनाफाखोरी कोई पाप नहीं है खरीददार को कोई जबरदस्ती नहीं मुनाफाखोरी कोई पाप नहीं है
शादी में मैं अपने घोड़ी पर बैठा था देखकर खुदको खुद ही हँसता था ! शादी में मैं अपने घोड़ी पर बैठा था देखकर खुदको खुद ही हँसता था !
नजर बंद कर करें कीर्तन गावें बिफर बिफर के भक्तों पर जो नजर उठावें वे मारे धर-धर के नजर बंद कर करें कीर्तन गावें बिफर बिफर के भक्तों पर जो नजर उठावें वे मारे धर...
कर करार की लौट आऊँगी दोस्त अब ना कहीं खो जाऊंगी। कर करार की लौट आऊँगी दोस्त अब ना कहीं खो जाऊंगी।
इश्क़ ए चाॅकलेट का मजा है, मिठास वाला ही ये प्यार है इश्क़ ए चाॅकलेट का मजा है, मिठास वाला ही ये प्यार है
जानते हो हम क्यों भागते थे, क्योंकि हम घरों की घंटी बजाते थे, जानते हो हम क्यों भागते थे, क्योंकि हम घरों की घंटी बजाते थे,
मगर अफसोस फोन प्रेमिका की जगह उसकी दादी ने उठाया! मगर अफसोस फोन प्रेमिका की जगह उसकी दादी ने उठाया!
अब मुक्कमल हो जाये जीवन, मेरी अमानत मेरे रहन बैठी है। अब मुक्कमल हो जाये जीवन, मेरी अमानत मेरे रहन बैठी है।
देख दूर से नवयौवन ये सेंक रहे अपने नयन, देख दूर से नवयौवन ये सेंक रहे अपने नयन,
तलाक शादी के दूसरे दिन में! और # मार मार के झूठे दिलासे देना पसंद करते हैं। तलाक शादी के दूसरे दिन में! और # मार मार के झूठे दिलासे देना पसंद करते हैं।
जेल हो तो सिर्फ, महबूब के ही घर में, हमेशा साथ रहने की, एक रसीद बना दो जेल हो तो सिर्फ, महबूब के ही घर में, हमेशा साथ रहने की, एक रसीद बना दो
पढ़ने वाला मानता रहे इसे साहित्य भरपूर होता भले इसमें असत्य पढ़ने वाला मानता रहे इसे साहित्य भरपूर होता भले इसमें असत्य
तुम तो रहने दो तुम्हें तो कुछ कहना ही बेकार है, जैसा तुम कहो ! तुम तो रहने दो तुम्हें तो कुछ कहना ही बेकार है, जैसा तुम कहो !
पंडित बनाये अनुपम मेल आओ चलो हम खेलें खेल पंडित बनाये अनुपम मेल आओ चलो हम खेलें खेल
घर घर से सोशल मिडिया पर, बिन पैसो के, खुद ही कूद रहा है। घर घर से सोशल मिडिया पर, बिन पैसो के, खुद ही कूद रहा है।